प्रीतिंदर सिंह आगरा के पहले कमिश्नर, IPS लक्ष्मी सिंह यूपी की पहली महिला पुलिस कमिश्नर

प्रीतिंदर सिंह आगरा के पहले कमिश्नर, IPS लक्ष्मी सिंह यूपी की पहली महिला पुलिस कमिश्नर

यूपी सरकार ने 16 सीनियर IPS अफसरों के ट्रांसफर किए हैं। गाजियाबाद, प्रयागराज और आगरा में पुलिस कमिश्नरेट सिस्टम लागू होने के बाद यहां पुलिस कमिश्नर को तैनात कर दिया गया है। केंद्र की प्रतिनियुक्ति से UP वापस आए IPS अजय मिश्रा को पुलिस कमिश्नर गाजियाबाद बनाया गया है। वहीं, आईजी बरेली रेंज रमित शर्मा को आगरा का पुलिस कमिश्नर और IG कारागार प्रीतिंदर सिंह को पुलिस कमिश्नर आगरा की जिम्मेदारी दी गई है।

मुनिराज जी. SSP अयोध्या, शैलेश पांडेय को मथुरा का जिम्मा

लखनऊ की आईजी रेंज रहीं लक्ष्मी सिंह को पुलिस कमिश्नर नोएडा नियुक्त किया गया है। वह यूपी की पहली महिला पुलिस कमिश्नर बनी हैं। उत्तर प्रदेश शासन में गृह सचिव तरुण गाबा को IG लखनऊ बनाया गया है।

इसके अलावा, पुलिस मुख्यालय में तैनात एडीजी अशोक मुथा जैन को पुलिस कमिश्नर वाराणसी बनाया है। अयोध्या के SSP प्रशांत वर्मा को नेपाल से सटे जिले बहराइच का एसपी बनाया गया है। SSP प्रयागराज शैलेश पांडेय को SSP मथुरा और मथुरा के SSP अभिषेक यादव को SP इंटेलिजेंस लखनऊ मुख्यालय की जिम्मेदारी दी गई है।

नोएडा के पुलिस कमिश्नर IPS आलोक सिंह और वाराणसी के पुलिस कमिश्नर ए. सतीश गणेश को DGP मुख्यालय से अटैच किया गया है। SSP गाजियाबाद मुनिराज जी. को अहम जिले अयोध्या का SSP बनाया हैं।

इन बड़े अफसरों के भी हुए ट्रांसफर

प्रयागराज के IG डॉ. राकेश सिंह को IG बरेली बनाया गया है।

IG SSF लखनऊ चंद्र प्रकाश द्वितीय को IG प्रयागराज की जिम्मेदारी दी गई।

SP बहराइच केशव कुमार चौधरी को अपर पुलिस आयुक्त आगरा बनाया गया है।

SSP आगरा प्रभाकर चौधरी को सेना नायक 11वीं वाहिनी PAC सीतापुर का जिम्मा दिया गया है।

आइए आपको 3 नए पुलिस कमिश्नर के बारे में बताते हैं....

गाजियाबाद: कांस्टेबल पिता के बेटे हैं अजय मिश्रा, 2003 बैच के IPS

नए कमिश्ननरेट गाजियाबाद के पहले कमिश्ननर अजय मिश्रा को गाजियाबाद का पुलिस कमिश्नर नियुक्त किया गया है। वह 2003 बैच के आइपीएस अधिकारी हैं। इससे पहले एसएसपी कानपुर, बनारस, एसपी एटीएस, एसपी सुल्तानपुर, एसपी बागपत रह चुके हैं। उनकी गिनती प्रदेश के तेजतर्रार अफसरों में होती है।

अजय मिश्रा उत्तर प्रदेश में जिला बलिया के रहने वाले हैं। उनके पिता कुबेर नाथ शर्मा UP पुलिस में कांस्टेबल थे और ज्यादातर समय वाराणसी जिले में पोस्टेड रहे। कुबेर नाथ का सरकारी क्वार्टर वाराणसी की पुलिस लाइन में था। अजय कुमार मिश्रा इसी सरकारी क्वार्टर में रहे और प्रारंभिक शिक्षा पूरी की। कुबेर नाथ मिश्रा का रिटायरमेंट भी वाराणसी पुलिस लाइन से हुआ।

साल 2014 में वाराणसी SSP रहते हुए अजय मिश्रा खूब चर्चाओं में आए। वजह ये थी कि उन्होंने अपने ही SP से सरकारी गाड़ी छीन ली थी। इस मामले में अजय मिश्रा और उनके SP दोनों को अफसर शासन में पेश हुए। बाद में दोनों ही अफसरों को वाराणसी से हटा दिया गया था। (अजय मिश्रा की पूरी खबर यहां पढ़ें )

आगरा: प्रीतिंदर सिंह, MBBS की पढ़ाई करके IPS बने

प्रीतिंदर सिंह को आगरा का पहला कमिश्नर बनाया गया है। पंजाब में जालंधर के जगरांव में 26 सितंबर 1975 को जन्मे प्रीतिंदर सिंह 2004 बैच के आईपीएस हैं। उन्होंने पटियाला के सरकारी कॉलेज में एमबीबीएस की पढ़ाई की है। 2004 में पुलिस सेवा में चयन होने के बाद उन्हें यूपी काडर मिला और 2006 से उन्होंने पुलिस विभाग में सेवाएं देनी शुरू की।

नागरिकता संशोधन कानून को लेकर अलीगढ़ में जब 15 दिसंबर 2019 को बवाल हुआ था, तब प्रीतिंदर सिंह अलीगढ़ रेंज के डीआईजी की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। उन्होंने खुद मौके पर जाकर हालात काबू में करने की कोशिश की। इसके बाद सिंह कानपुर के एसएसपी बनाए गए। वहां बिकरू कांड के बाद लोगों में पुलिस के प्रति भरोसा बहाल करने की जिम्मेदारी संभाली। इसी दौरान उनका प्रमोशन हुआ और वे डीआईजी बन गए। उन्होंने कानपुर, लखनऊ, सोनभद्र, ललितपुर, बागपत, सीतापुर, गौतमबुद्ध नगर और आगरा में अपनी सेवाएं दी हैं।

प्रयागराज: IG रह चुके रमित शर्मा को कमिश्नर बनाया

प्रयागराज में रमित शर्मा को पहला कमिश्नर बनाया गया है। रमित शर्मा के लिए प्रयागराज नया नहीं है। 4 साल पहले वह यहां आईजी रह चुके है। रमित शर्मा 1999 बैच के आईपीएस अफसर हैं। तेजतर्रार अफसरों में उनकी गिनती होती है। वह मूलत: हापुड़ जिल के रहने वाले हैं। रमित शर्मा 2019 में रामपुर में आईजी रहे तो उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था की हकीकत जानने के लिए दिनभर ऑटो में सवार होकर शहर के गलियों में घूमे थे। उनके साथ एक भी पुलिस कर्मी नहीं था। सादे कपड़ों में होने के कारण लोग उन्हें पहचान भी नहीं पाए थे।

अब पढ़िए यूपी की पहली महिला पुलिस कमिश्नर के बारे में

लक्ष्मी सिंह: 2000 बैच की अधिकारी, पति भाजपा विधायक

किसानों के सबसे बड़े घटनाक्रम लखीमपुर खीरी में अहम भूमिका निभाने वाली लक्ष्मी सिंह को यूपी की पहली महिला कमिश्नर बनी है। उनको नोएडा में तैनाती दी गई है। लखीमपुर खीरी में 4 किसानों की मौत के मामले में लक्ष्मी सिंह ने किसानों को समझाने और सरकार को बचाने जैसे कई अहम फैसलों में अहम भूमिका निभाई जिसके बाद सेवा चर्चा में आई थी। इस कड़ी में लक्ष्मी सिंह को मुख्यमंत्री उत्कृष्ट सेवा पुलिस पदक से भी सम्मानित किया गया है। सरोजनी नगर से बीजेपी विधायक राजेश्वर सिंह की पत्नी हैं।

सरदार वल्लभ भाई पटेल नेशनल पुलिस अकेडमी हैदराबाद में ट्रेनिंग के दौरान लक्ष्मी सिंह बेस्ट प्रोबेशनर घोषित की गई थी। 2000 बैच की आइपीएस लक्ष्मी सिंह को प्रधानमंत्री की ओर से सिल्वर बेटन मिल चुका है। इसके अलावा, केंद्रीय गृह मंत्रालय की तरफ से उन्हें पुरस्कार स्वरूप 9 एमएम की एक पिस्टल भी मिली है, जिसे उन्हें संभालकर रखा है।

दो साल 10 महीने बाद हटे नोएडा से आलोक सिंह

नोएडा के पुलिस आयुक्त आलोक सिंह 13 जनवरी 2020 को नोएडा में पुलिस कमिश्नरेट के गठन के बाद से ही तैनात थे। लक्ष्मी सिंह नोएडा की दूसरी पुलिस आयुक्त बनी हैं। इसी तरह वाराणसी के पुलिस आयुक्त ए सतीश गणेश वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट के गठन के बाद से वहां के पुलिस आयुक्त थे। यह दोनों अफसर DGP मुख्यालय में तैनात किए गए हैं। नव गठित पुलिस कमिश्नरेट में अभी किसी DCP की तैनाती नहीं की गई है। जल्द ही कुछ और अफसरों के तबादले किए जाएंगे।

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