स्कूल शिफ्ट करने पर फूट-फूट कर रोईं छात्राएं

स्कूल शिफ्ट करने पर फूट-फूट कर रोईं छात्राएं

आगरा: सीतानगर में गीता स्मारक प्राथमिक विद्यालय को दूसरे स्कूल की बिल्डिंग में शिफ्ट करने पर हंगामा हो गया। यहां पढ़ने वाले बच्चों ने दूसरे स्कूल में जाने से मना कर दिया। छात्राएं फूट-फूट कर रोने लगीं। उनका कहना था कि दूसरे स्कूल के बच्चे उन्हें चिढ़ा रहे हैं कि हमारे स्कूल में क्यों आए हो?

भावुक करने वाला है वीडियो

इसका वीडियो भी वायरल हो रहा है। जिसमें बच्चे रोते हुए कह रहे हैं कि हमें यही स्कूल पसंद है। हमें वहां नहीं जाना है। वहीं, बच्चों के अभिभावकों का कहना था कि दूसरे स्कूल में जाने के लिए सड़क पार करनी पडे़गी। वो बच्चों को छोड़ने और लेने नहीं आते हैं। ऐसे में सड़क पार करते समय हादसे का खतरा बना रहेगा।

दान के भवन में चल रहा था स्कूल, इसलिए शिफ्ट हुआ

गीता स्मारक प्राथमिक विद्यालय में करीब 80 बच्चे पढ़ते हैं। लंबे समय से विद्यालय दान के भवन में चल रहा है। बेसिक शिक्षा विभाग ने इस विद्यालय को थोड़ी दूरी पर संचालित चीनी का रोजा प्राथमिक विद्यालय में शिफ्ट करने के आदेश दिए। आदेश के बाद शुक्रवार को शिक्षक बच्चों को दूसरे स्कूल में ले गए। विद्यालय में काम चलने के कारण जैसे-तैसे बच्चों को बैठाया। छुट्‌टी के बाद बच्चे घर चले गए थे।

बच्चे फिर पुराने स्कूल ही पहुंचे, यहां अभिभावकों ने भी विरोध किया

शनिवार सुबह सभी बच्चे अपने अभिभावकों के साथ स्कूल पहुंचे और बैठ गए। उनका कहना था कि वो नए स्कूल में नहीं जाएंगे। शिक्षकों ने बच्चों को नए स्कूल में चलने के लिए समझाया। मगर, बच्चों के अभिभावक विरोध करने लगे। उनका कहना था कि सभी बच्चों के अभिभावक मेहनत मजदूरी करते हैं।

सुबह आठ बजे काम पर निकलना पड़ता है। फिर शाम को वापस आते हैं। अभी तो बच्चों को स्कूल के लिए कोई सड़क पार नहीं करनी पड़ती थी। मगर, दूसरे स्कूल के लिए सड़क पार करनी होगी। सड़क पर भारी वाहन चलते हैं। छोटे बच्चे हादसे का शिकार हो सकते हैं। जब लंबे समय से इस भवन में स्कूल चल रहा तो अब क्यों शिफ्ट कर रहे हैं। बच्चों की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी होगी।

फूट-फूट कर रोने लगीं बच्चियां

छात्राओं ने फूट-फूट कर रोते हुए कि कल जब वो नए स्कूल में गए तो वहां के बच्चों ने उन्हें बहुत चिढ़ाया। उनसे कहा कि अपने स्कूल में जाओ। वहीं, नए स्कूल में बैठने के लिए जगह भी नहीं है। एक बच्ची ने कहा कि उनके मम्मी-पापा उसे लेने नहीं आते हैं। अब वो अकेले सड़क कैसे पार करेगी। उन्हें डर लगता है।

अभिभावक बोले- जान बूझकर खाली करा रहे स्कूल

अभिभावकों का कहना था कि अधिकारी जान बूझकर स्कूल खाली करा रहे हैं। कुछ लोग स्कूल की बिल्डिंग को कब्जाना चाहते हैं। ये स्कूल को दान में दी गई जमीन है। सड़क किनारे होने के चलते इस पर दुकानें बनवाना चाहते हैं। इसलिए ही स्कूल को खाली कराया जा रहा है। मगर, अधिकारियों का कहना है कि बेसिक शिक्षा विभाग किराए के भवन को शिक्षा विभाग की जमीन पर बने स्कूलों में शिफ्ट कर रहा है।

टीचर बोलीं- हम बच्चों को पार करा देंगे सड़क

शिक्षिकाओं ने बच्चों के अभिभावकों को समझाने का प्रयास किया। उनका कहना था कि हमें तो अधिकारियों ने आदेश दिए हैं। शिक्षिकाएं एक काम कर सकती हैं कि छुट्‌टी के समय सभी बच्चों को सड़क पार करा देंगी, लेकिन सुबह बच्चों को अभिभावक स्कूल छोड़ दें।

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