मानगढ़: PM मोदी ने राजस्थान सहित चार राज्यों को मानगढ़ को भव्य स्मारक का रूप देने का दिया था जिम्मा

मानगढ़: PM मोदी ने राजस्थान सहित चार राज्यों को मानगढ़ को भव्य स्मारक का रूप देने का दिया था जिम्मा

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हाल ही आदिवासियों की श्रद्धा के पावन स्थल मानगढ़ धाम को भव्य रूप देने के लिए राजस्थान, गुजरात, मध्यप्रदेश व महाराष्ट्र को एक साथ विकास की कार्ययोजना बनाने को कहा था। राजस्थान सरकार इस कार्ययोजना को बनाने में जुट गई है।


मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सहित मध्यप्रदेश व गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल ने भी उस वक्त प्रधानमंत्री मोदी के साथ मानगढ़ के पहाड़ पर मंच साझा किया था। तब सभी को उम्मीद थी कि प्रधानमंत्री मानगढ़ को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करेंगे, लेकिन प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्रियों को एक विस्तृत कार्ययोजना बनाने का काम सौंप दिया।


मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मानगढ़ से लौट कर राज्य सरकार के उच्चाधिकारियों को कार्ययोजना तैयार करने को कह दिया है। मुख्यमंत्री कार्यालय सहित, जनजाति विकास विभाग, मुख्य सचिव और कला व संस्कृति विभाग इसकी तैयारियों में जुटेंगे।


यह अलग बात है कि राजनीतिक तौर पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उनके केबिनेट मंत्री प्रताप सिहं खाचरियावास ने प्रधानमंत्री मोदी द्वारा मानगढ़ को राष्ट्रीय स्मारक घोषित नहीं करने को निराशाजनक बताया था।


गहलोत ने तो मानगढ़ से जयपुर लौटने के बाद एक कार्यक्रम में यहां तक कहा था कि चूंकि उन्होंने दो बार मोदी को पत्र लिखकर मानगढ़ को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने की मांग की थी, इसलिए मोदी ने फिलहाल इस फैसले को टाल दिया क्योंकि वे समझते हैं कि इससे कांग्रेस और उन्हें गहलोत को राजनीतिक फायदा मिलेगा।


गुजरात चुनाव एक महीने बाद होने हैं और वहां करीब 25 विधानसभा सीटों पर आदिवासियों की बहुलता है और गहलोत वहां कांग्रेस के स्टार प्रचारक और सीनियर ऑब्जर्वर की जिम्मेदारी निभा रहे हैं।


गहलोत ने हाल ही बयान दिया है कि चाहे जो हो जाए मानगढ़ आज नहीं तो कल सही, लेकिन राष्ट्रीय स्मारक बनेगा जरूर। आदिवासियों का यह पावन धाम राष्ट्रीय स्मारक बन कर रहेगा। गहलोत अक्सर कहते हैं कि उनके बयान के मायने होते हैं। ऐसे में राजनीतिक जानकारों का मानना है कि गहलोत के पास कोई ना कोई पुख्ता जानकारी है, जिसके चलते उन्होंने कहा है कि मानगढ़ राष्ट्रीय स्मारक बन कर रहेगा।


तीन राज्यों के मुख्य सचिवों से मोदी ने ली थी मानगढ़ पर जानकारी


मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक बनाने के हाल ही राजस्थान, मध्यप्रदेश और गुजरात के मुख्य सचिवों से स्वयं प्रधानमंत्री मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बातें की। राजस्थआन की मुख्य सचिव ऊषा शर्मा ने प्रधानमंत्री को मानगढ़ के विषय में अब तक राजस्थान सरकार के स्तर पर किए गए कार्यों की जानकारी दी थी।


प्रधानमंत्री ने तीनों राज्यों के मुख्य सचिवों से राज्य सरकारों के मानगढ़ धाम को लेकर किए जा रहे प्रयासों और आगे की योजनाओं की जानकारी भी ली। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मोदी के समक्ष ही हाल ही यह जानकारी साझा की थी। गहलोत ने यह भी कहा था कि जब प्रधानमंत्री ने स्वयं जानकारी ली है, तो इसके खास मायने होते हैं।


विधानसभा की 200 और लोकसभा की 50 सीटों पर सीधा प्रभाव

मानगढ़ को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करना कोई मामूली मुद्दा नहीं है। गुजरात में महीने भर बाद चुनाव है। उसके करीब एक-दो वर्ष के भीतर राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ कर्नाटक, तैलंगाना के विधानसभा और देश के लोकसभा चुनाव होने हैं।


ऐसे में प्रधानमंत्री मोदी आदिवासियों को एक ही जगह से साध लेने को तत्पर हैं। इन राज्यों में विधानसभा की 200 और लोकसभा की लगभग 50 सीटें ऐसी हैं जो प्रत्यक्ष रूप से आदिवासी बहुलता वाली हैं। इनके अतिरिक्त इन सभी राज्यों में 50-60 प्रतिशत सीटें ऐसी हैं, जहां अप्रत्यक्ष रूप से आदिवासी मतदाताओं की अच्छी-खासी उपस्थिति है।


जानिए क्या है मानगढ़ का इतिहास

मानगढ़ धाम बांसवाड़ा जिले में स्थित है। यह एक पहाड़ी पर बना हुआ है। पहाड़ी का एक हिस्सा गुजरात में और एक हिस्सा राजस्थान में शामिल है। इस पहाड़ी क्षेत्र में गोविंद गुरू नामक आदिवासी नेता ब्रिटिश हुकुमत के खिलाफ स्वतंत्रता का आंदोलन चला रहे थे। तब 19 नवंबर-1913 को इसी धाम पर ब्रिटिश सरकार ने उन्हें व उनके आदिवासी साथियों को घेर लिया था। यहां अंग्रेजों ने 1500 आदिवासियों का सामुहिक नरसंहार किया था। उन्हीं की याद में मानगढ़ धाम बना हुआ है। गोविंद गुरू को जीवित पकड़ कर बंदी बना लिया गया था।

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