Online Betting ऐप्स से अर्थव्यवस्था को हो रहा नुकसान, नकेल कसने की तैयारी में सरकार

Online Betting ऐप्स से अर्थव्यवस्था को हो रहा नुकसान, नकेल कसने की तैयारी में सरकार

नई दिल्ली: इस समय ऑस्ट्रेलिया में T-20 क्रिकेट वर्ल्ड कप चल रहा है. ऐसे में सट्टेबाजों को पकड़े जानें की खबरें भी लगातार सामने आ रही हैं. भारत में सट्टेबाजी अवैध है, लेकिन इसके बावजूद भारत में सट्टेबाजी का कारोबार फल-फूल रहा है. यहां हर रोज करोड़ों-अरबों रुपये का सट्टा लगता है. सट्टेबाज अब ऑनलाइन सट्टेबाजी कर रहे हैं, जिससे सट्टेबाजों को पकड़ना मुश्किल हो गया है. बता दें कि अब सट्टेबाजी के लिए कई ऐप्स उपलब्ध हैं , जिसके जरिए अब लोग ऑनलाइन सट्टा लगाते हैं. इन ऐप्स की मदद से कहीं से भी कभी भी सट्टा लगाया जा सकता है.


इन ऐप्स के चलते न केवल सट्टेबाजों को पकड़ना मुश्किल हो गया है बल्कि सट्टेबाजी कारण देश की अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान हो रहा है. इस समय भारत में सट्टेबाजी का बाजार लगभग 10 लाख करोड़ के आंकड़े को पार कर चुका है. बता दें कि 3 अक्टूबर को सरकार ने एक एडवाइजरी जारी की थी, जिसमें कहा गया था कि ऑनलाइन सट्टेबाजी के विज्ञापन दिखाए जाना बंद नहीं हो रहे हैं और देश के बाहर से सट्टेबाजी के एड लगातार प्रसारित किए जा रहे हैं. इस दौरान सरकार ने चेतावनी दी थी कि अगर इस तरह के विज्ञापन दिखाना बंद नहीं किए जाएंगे, तो वह कार्रवाई करेगी.


ऑनलाइन बेटिंग में इजाफा

बेहतर और तेज इंटरनेट के साथ किफायती स्मार्टफोन से ऑनलाइन सट्टेबाजी का बाजार लगातार बढ़ रहा है. ऑनलाइन ऐप की मदद से लोग आसानी से सट्टा खेल सकते हैं. कोई भी शख्स अब क्रिकेट मैच के किसी पहलू पर दांव लगा सकता है. ऑनलाइन ऐप्स पर लोग सिक्का उछालने से लेकर गेंदबाजों के प्रदर्शन तक, या किसी बल्लेबाज के रन बनाने की संभावना तक पर सट्टा लगा सकते हैं.


10 लाख करोड़ का बाजार

दोहा के इंटरनेशनल सेंटर फॉर स्पोर्ट सिक्योरिटी ने साल 2016 में अपनी एक रिपोर्ट में बताया था कि अवैध सट्टेबाजी का कारोबार उस समय 150 बिलियन यानी करीब 10 लाख करोड़ रुपये का है. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित जस्टिल लोढ़ा कमेटी ने भी सरकार को बताया था कि भारत की सट्टा बाजार उस समय के करीब 82 बिलियन डॉलर यानि करीब 6 लाख करोड़ रुपये का है.


कौन से ऐप्स हैं शामिल?

सरकार द्वारा जारी एडवाइजरी के मुताबिक इन ऐप्स में फेयरप्ले, परीमैच, बेटवे, वुल्फ 777 और 1xबेट जैसे ऐप शामिल हैं. सरकार के अनुसार टेलीविजन पर कई स्पोर्ट्स चैनल के साथ-साथ OTT प्लेटफॉर्म और उनकी सेरोगेट न्यूज वेबसाइटों पर ऑनलाइन सट्टेबाजी के विज्ञापन दिखाए जा रहे हैं. इसके अलावा कई ऐप देश के बाहर से काम कर रहे हैं. ये ऐप्स टैक्स चोरी में भी शामिल हैं.


सरकार कस रही है शिंकजा

भारत में लगातार बढ़ती ऑनलाइन सट्टेबाजी के चलते सरकार अब इस पर शिंकजा कसने की तैयारी कर रही है. सट्टेबाजी पर लगाम कसने के लिए पिछले कुछ महीनों में ED ने ऑनलाइन सट्टेबाजी चला रहीं कई कंपनियों पर रेड डाली है. इसके बावजूद सट्टेबाजी कम नहीं हो रही है और देश के बाहर से चलने वाले कई ऑनलाइन सट्टेबाजी प्लेटफार्म बदस्तूर अपना काम चला रहे हैं.

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