दिल्ली में सेक्सटॉर्शन की शिकायतों की भरमार मगर, पुलिस के डेटा से हुआ यह बड़ा खुलासा

दिल्ली में सेक्सटॉर्शन की शिकायतों की भरमार मगर, पुलिस के डेटा से हुआ यह बड़ा खुलासा

नई दिल्ली, देश की राजधानी दिल्ली में सेक्सटॉर्शन की शिकायतों की भरमार होती है मगर अफसोस यह कि इनमें से कुछ मामलों में ही एफआईआर दर्ज होती हैं. दिल्ली पुलिस को साल 2021 में सेक्सटॉर्शन की 409 और इस साल 31 अगस्त तक 1469 शिकायतें मिलीं मगर उनमें से कुछ ही शिकायतें एफआईआर में तब्दील हो सकीं. आधिकारिक आंकड़ों से यह जानकारी सामने आई है. पुलिस के डेटा के मुताबिक पिछले साल सेक्सटॉर्शन के 409 शिकायतें आईं मगर केवल 24 मामलों में प्राथमिकी दर्ज की गई थी. वहीं इस साल कुल 1469 शिकायतों में से केवल 44 मामलों में ही एफआईआर दर्ज की गई हैं.दरअसल सेक्सटॉर्शन शब्द का उपयोग पुलिस उन अपराधों का वर्णन करने के लिए करती है जिनमें अपराधी किसी पीड़ित के प्राइवेट फोटो वीडियो या कोई पर्सनल डिटेल को लेकर ब्लैकमेल करते हैं और उसके बदले जबरन वसूली या सेक्सुअल फेवर लेते हैं. दूसरे शब्दों में कहें तो मोबाइल या वीडियो कॉल के जरिए किसी की प्राइवेट या न्यूड तस्वीरों वीडियो को रिकॉर्ड करके उसके जरिए वसूली से लेकर सेक्स के लिए ब्लैकमेल करने को सेक्सटॉर्शन कहते हैं. इस मामले में प्राथमिकी ज्यादातर आईपीसी की धारा 420 या आईटी एक्ट के तहत दर्ज की जाती है और इसमें क्रमश 7 साल और 5 साल की अधिकतम सजा होती है.हिंदुस्तान टाइम्स में छपी खबर के मुताबिक दिल्ली में जिलेवार आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि सेक्सटॉर्शन के सबसे अधिक मामले साउथ वेस्ट जिला में सामने आए. डेटा के मुताबिक सबसे अधिक शिकायतें दक्षिण पश्चिम जिले से साल 2021 में 253 और इस साल 31 अगस्त 467 तक प्राप्त हुई थीं. इस तरह के मामलों की जांच करने वाले सीनियर पुलिस अधिकारी ने कहा कि बड़ी संख्या में ऐसी शिकायतों के आने का एक प्रमुख कारण वह सुविधा है जिससे नागरिक राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर इन अपराधों की ऑनलाइन शिकायत कर सकते हैं. पोर्टल को गृह मंत्रालय द्वारा जनवरी 2020 में लॉन्च किया गया था. पोर्टल पर दर्ज शिकायतों को संबंधित एजेंसी या पुलिस बल को भेज दिया जाता है.नाम न जाहिर न होने देने की शर्त पर एक सीनियर अधिकारी ने कहा कि आजकल लोगों में साइबर अपराधों की ऑनलाइन रिपोर्टिंग के बारे में जागरूकता बहुत अधिक है और शायद यही एक कारण है कि शिकायतों की संख्या अधिक है. अधिक संख्या में ऑनलाइन शिकायतों की एक वजह यह भी है कि सेक्सटॉर्शन के मामले में पीड़ित अक्सर ऐसे अपराधों से जुड़े कलंक या बदनामी की वहज से सीधे पुलिस से संपर्क करने से कतराते हैं. हालांकि शिकायतें इतनी आती हैं मगर वे एफआईआर में क्यों तब्दील नहीं हो पातीं इस पर एक अन्य अधिकारी ने कहा कि साइबर क्राइम की गुत्थी सुलझाने में पुलिस के सामने कईं समस्याएं हैं. एक तो इन केसों के निपटारे के लिए स्टाफ कम है साथ ही कुछ लॉजिस्टिक बधाएं भी हैं.

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