प्रयागराज में 15 से 35 साल की उम्र के लोग सबसे ज्यादा डेंगू की चपेट में अस्पताल में मरीजों की भीड़

प्रयागराज में 15 से 35 साल की उम्र के लोग सबसे ज्यादा डेंगू की चपेट में अस्पताल में मरीजों की भीड़

डेंगू मरीजों की संख्या लगातार तेजी से बढ़ रही है। चाैंकाने वाली बात यह सामने आई है कि डेंगू के जो मरीज मिल रहे हैं उनमें किशोर और युवा सबसे ज्यादा हैं। अभी तक की रिपोर्ट में पता चला है कि करीब 80 % डेंगू के मरीज युवा हैं और वह डेंगू की चपेट में हैं बाकी 20% में सभी उम्र के लोग शामिल हैं। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक डेंगू से संक्रमित हो रहे हैं। करीब एक दर्जन ऐसे भी बच्चे हैं जो 10 वर्ष से कम हैं और डेंगू पाजिटिव हैं ऐसे बच्चों को सरोजनी नायडू चिल्ड्रन हास्पिटल में भर्ती कराया गया है। अच्छी बात यह है कि अभी तक डेंगू से किसी भी मरीज को अपनी जान नहीं गंवानी पड़ी है। जो भी संक्रमित हो रहे हैं वह ठीक भी हो जा रहे हैं।

मिल चुके हैं 174 डेंगू के मरीज

जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. आनंद सिंह के मुताबिक, जनपद में औसतन प्रतिदिन 15 डेंगू के नए मरीज मिल रहे हैं। अभी तक 174 डेंगू के मरीज मिल चुके हैं जिसमें 128 मरीज ठीक भी हो चुके हैं और 28 मरीज अस्पताल में भर्ती हैं यह सभी डेंगू वार्ड में भर्ती हैं। शुक्रवार को जो 15 मरीज मिले हैं उसमें 14 ऐसे हैं जो 35 वर्ष से कम उम्र के हैं। एक मरीज बहरिया का रहने वाला है जिसकी उम्र 66 वर्ष हैं।

प्राइवेट जांच रिपोर्ट को डेंगू मरीज नहीं मानता विभाग

जिला मलेरिया विभाग ही डेंगू नियंत्रण का काम करता है। मलेरिया विभाग सिर्फ उन्हीं डेंगू मरीजों की गिनती करता है जिनकी जांच मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी लैब में एलाइजा टेस्ट से होती है। प्राइवेट अस्पतालों व लैब में कार्ड से जांच कराने वाले मरीजों को विभाग डेंगू का मरीज नहीं मानता। यही कारण है कि विभाग अपनी फाइलों अस्पताल में भर्ती मरीजों की संख्या महज 28 दिखा रहा है। जबकि हकीकत यह है कि जनपद के अधिकांश अस्पताल डेंगू मरीजों से फुल हैं।

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