पिता की राह पर चल रहे बाहुबलियों के बेटे
महाकवि घाघ ने लिखा है बाढ़े पूत पिता के धर्मे खेती उपजे अपने कर्मे। मतलब ये कि बेटा अपने पिता के धर्म से फलता-फूलता है। खेती अपने काम से अच्छी होती है। पूर्वांचल के बाहुबलियों पर ये लाइनें सटीक बैठती हैं। माफिया मुख्तार अंसारी विजय मिश्रा और अतीक अहमद जेल की सलाखों के पीछे हैं।
पुलिस जांच में साबित हो चुका है कि इन सभी ने पॉलिटिक्स में एक्टिव रहते हुए अपराध की दुनिया में भी दखल बनाए रखा।.....
Read More