
2200 तोला सोने के झूले पर सवार होंगे बांके बिहारी हरियाली तीज के दिन देंगे दर्शन
ब्रज में झूला उत्सव की परंपरा द्वापर युग से चली आ रही है। द्वापर में भगवान कृष्ण राधा रानी के साथ सावन के महीने में झूला झूलते थे। इसी परंपरा को आज भी ब्रज के मंदिरों में निभाया जाता है। कहीं भगवान सोने के में कहीं चांदी के में तो कहीं लता पताओं से बने झूला में विराजमान हो कर भक्तों को दर्शन देते हैं।
सावन महीने में अलग अलग समय विराजते हैं झूले में भगवान
झूला उत्सव वैसे.....
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