खालिस्तान आंदोलन के साथ मास्टर तारा सिंह का नाम जोड़ा जाना गलत तथ्य प्रस्तुत करने जैसा है
पंजाब के वैचारिक वातावरण में खालिस्तान की चर्चा पहली बार नहीं हो रही, बल्कि पिछली सदी में भी इस पर बहस होती रही है। वर्तमान में अलगाववादी संगठन ‘वारिस पंजाब दे’ के नेता अमृतपाल सिंह की बढ़ी गतिविधियों से यह विचारधारा पुन: सतह पर आई है। विभिन्न एजेंसियों को दिए साक्षात्कारों में अमृतपाल सिंह जम्मू-कश्मीर के अलगाववादी संगठन हुर्रियत कान्फ्रेंस के नेताओं की तर्ज पर यह प्रभाव देने का प्रयास कर रह.....
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