बिछड़ते सहयोगी बारी-बारी अब अकेले ही बिहार के चुनावी रण में उतरने की तैयारी
राजनीति बहते पानी की तरह है। कभी रुकती नहीं। अपनी दिशा खुद ही तय करती है। भारतीय लोकतंत्र दुनिया में सबसे विशाल है और उतना ही गहरा भी है। मगर हमारे देश की राजनीति लोकतंत्र से भी ज्यादा गहरी है और इसमें कब क्या होगा इसका आकंलन करना काफी मुश्किल है। बढ़ते गतिरोध और खटास के बीच राष्ट्रीय फलक पर मजबूत होती भाजपा ने बिहार के दो सियासी दुश्मनों को एक बार फिर से एक चौखट पर लाने का काम कर दिया है। बि.....
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