मथुरा-वृंदावन में यमुना की तरफ कॉरिडोर बनाने की सिफारिश

मथुरा-वृंदावन में यमुना की तरफ कॉरिडोर बनाने की सिफारिश

मथुरा के वृंदावन में बांके बिहारी मंदिर में जन्माष्टमी की रात हादसा में 2 लोगों की मौत हो गई। उत्तर प्रदेश सरकार ने जांच समिति से 15 दिन में रिपोर्ट तैयार करने के लिए कहा। पूर्व DGP सुलखान सिंह की अध्यक्षता वाली दो सदस्यीय समिति ने हादसा रोकने के लिए सुझाव दिए हैं।


इसमें सबसे अहम ये है कि हादसे को रोकने के लिए यमुना नदी की तरफ से मंदिर तक यमुना कॉरिडोर बनाया जाए। मंदिर का सेंट्रल हाल को एयर कंडीशनर और गलियों में पंखे लगाए जाए। ताकि भीड़ अधिक होने पर भक्तों को सहूलियत रहे।


जांच कमेटी की कोर्ट में दाखिल रिपोर्ट के सुझाव पढ़िए

स्पेशल सेक्रेटरी धर्मार्थ कार्य ने दाखिल किया एफिडेविट


बांके बिहारी मंदिर हादसे के बाद मथुरा के अनंत शर्मा और मनोज पांडे ने हाई कोर्ट में एक याचिका दाखिल की गई थी। इसमें यूपी सरकार में धर्मार्थ कार्य अपर मुख्य सचिव मथुरा के डीएम-एसएसपी और बांके बिहारी मंदिर के प्रबंधन से श्रद्धालुओं के लिए की जा रही व्यवस्थाओं की जानकारी मांगी गई।

इसके बाद स्पेशल सेक्रेटरी धर्मार्थ कार्य रघुवीर ने हाई कोर्ट में एफिडेविट दाखिल किया। इसमें बांके बिहारी मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए किए जा रहे इंतजाम और जांच कमेटी की रिपोर्ट को रखा। इस रिपोर्ट में 3 पैटर्न पर सुझाव दिए गए हैं।

22 पाइंट्स में बताए तुरंत बदलाव वाले उपाय दिए। इसमें कुछ पाइंट्स इस तरह है


ज्यादा भीड़ होने पर 18 घंटे और सामान्य दिनों में 12 घंटे दर्शन का टाइम रखने के लिए कहा गया।

ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन होना चाहिए। ताकि वीकेंड त्योहार पर आसानी से दर्शन कर सकेंगे।

श्रद्धालुओं को आरती और विग्रह के स्क्रीन पर दर्शन कराए जाए।

मंदिर में बरामदा से आंगन तक आने पर सीढ़ियों की जगह रैंप बनाया जाए।

यहां बैरिकेडिंग लगाई जाए। मंदिर के गोस्वामियों की जांच कर पहचान पत्र बनाए जाएं।

मंदिर की तरफ जाने वाली गलियों में उमस वाले दिनों में पंखे लगाए जाएं।

मंदिर के दोनों गेट पर फर्स्ट एंड बूथ संचालित हों।

मंदिर के निकास द्वार पर स्ट्रैचर की व्यवस्था हो।

यहां स्वयं सेवक रखे जाएं। एंबुलेंस की व्यवस्था हो।

मंदिर की तरफ जाने वाली गलियों को अतिक्रमण मुक्त किया जाए।

सड़क पर रखकर गैस सिलेंडरों का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए।

VIP गैलरी को हटाया जाए। VIP प्रवेश को सीमित किया जाए


अब आपको कमेटी के दिए 5 सुझाव भी पढ़वाते हैं जो आने वाले वक्त में लागू हो सकते हैं

मंदिर हाल को सेंट्रल एयर कंडीशन कराया जाए


जांच कमेटी ने 5 ऐसे सुझाव भी दिए हैं जो आने वाले वक्त में लागू किए जा सकते हैं। जांच रिपोर्ट के अनुसार मंदिर के संचालन की कोई स्ट्रक्चर व्यवस्था नहीं हैं। वर्तमान में प्रबंधन मुंसिफ मजिस्ट्रेट न्यायालय द्वारा आदेशित एक मजिस्ट्रेट देखते हैं। मंदिर के प्रबंधन के लिए भक्तों को सम्मिलित करते हुए राष्ट्र स्तरीय ट्रस्ट गठित किया जाए।


इस ट्रस्ट में गोस्वामी भी रहें। बांके बिहारी मंदिर के प्रांगण विस्तार की आवश्यकता है। मंदिर के आंगन और नव निर्मित हाल के बीच की दीवार को हटाकर पूरे क्षेत्र श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध हो। मंदिर प्रांगण को आसपास के बरामदा के लेवल तक उठाया जाए। मंदिर हाल को सेंट्रल एयर कंडीशन कराया जाए।


लॉग टर्म के लिए भी समिति ने सुझाव दिए हैं


यमुना की तरफ झूला पुल बने जिससे लोग पैदल आए

श्रद्धालु यमुना एक्सप्रेस-वे से आते हैं। मंदिर से यमुना की तरफ कॉरिडोर बनाया जाए। इस कॉरिडोर में श्रद्धालुओं के लिए सभी सुविधा हो। फरीदाबाद की तरफ से आने वाले श्रद्धालुओं को यमुना पार पार्किंग दी जाए। वहां से यमुना पर पुल बनाकर दर्शनों के लिए लाया जाए। यमुना पर झूला पुल बने जिससे श्रद्धालु पैदल दर्शन को आएं । बांके बिहारी मंदिर तक जाने वाली गलियों को चौड़ा किया जाए।


यमुना के अप और डाउन स्ट्रीम में जहां श्रद्धालुओं को होल्ड किया जा सके वहां कम से कम 500 मीटर अप स्ट्रीम में और 500 मीटर डाउन स्ट्रीम घाट का निर्माण कराया जाए। जिससे श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या स्नान कर सके और कुछ देर वह वहां रोके जा सकें। इसके अलावा पर्यटन विभाग वृंदावन के अन्य मंदिरों का भी प्रचार- प्रसार करे जिससे भीड़ का बांके बिहारी मंदिर से दबाव कम हो सके।


बांके बिहारी मंदिर में दम घुटने से 2 की मौत


जन्माष्टमी पर बांके बिहारी मंदिर में रात दो बजे मंगला आरती के दौरान दम घुटने से दो श्रद्धालुओं की मौत हो गई। 6 श्रद्धालुओं की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायलों को फिलहाल वृंदावन के 3 अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। मरने वालों में एक महिला और एक पुरुष है। भीड़ इतनी ज्यादा थी कि 50 से ज्यादा लोग बेहोश होकर गिर पड़े।


मंदिर के सेवादारों के मुताबिक अधिकारियों के परिजन छत पर बनी बालकनी से दर्शन कर रहे थे। अधिकारियों ने अपने परिवार की सुरक्षा के लिए ऊपरी मंजिल के गेट बंद करा दिए। भीड़ का दबाव बढ़ने लगा जिससे हादसा हुआ। वीआईपी दर्शन कल्चर की वजह से हादसा हुआ


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x01mp3rx0z@mailto.plus, 11 December 2022

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yhfee@chitthi.in, 10 June 2023

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